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Thar express 27 OCT 2016

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Thar express 13 oct 2016

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आराधना की 68 दिनों की तपस्या की सम्पनता

हैदराबाद के ज्वैलर्स की 13 वर्षीय बेटी आराधना की 68 दिनों की तपस्या की सम्पनता के बाद उसकी मृत्यु हो गयी जिसको लेकर बवाल मचाया हुआ है की आराधना की ह्त्या कर दी गयी.  आराधना को तपस्या किसी ने जबरदस्ती नहीं करवाई।  उच्च आत्मबल के कारण ही  इतनी लम्बी तपस्या हुयी। आराधना ने इससे पहले भी  लम्बी लम्बी तपस्यां की थी. यह तो मृत्यु का दिन तय था और संयोग बन गया की तपस्या के बाद उसकी मृत्यु हो गयी।  जबरदस्ती तपस्या कोई नही कर सकता है व न ही करवाई जा सकती है . लाखों लोग तपस्या करतें हैं और लम्बी लम्बी तपस्या कर रहें है वर्षों से कर रहें है कभी किसी की तपस्या के कारन मृत्यु नहीं हुयी।  यह धार्मिक मान्यता व परम्परा है जिसको विधिपुर्वक किया जाता है .तपस्या की परम्परा भगवन ऋषभनाथ के समय से चली आ रही है अर्थात सृष्टि के निर्माण के समय से तपस्या हर धर्म मे होती आये है । इस घटना को लेकर मीडिया जो हत्या की घटना बनाकर जो मिथ्या प्रचार कर रहा उससे मीडिया को बचना चाहिए। यह कोई अंध विश्वास नहीं है।  इसकी न तो बलि ली गयी है और नहीं उसने बलि दी है। जबकि  यह नेचुरल मृत्यु ...

THAR EXPRESS 13 JULY 2016

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ART VIBRATION : Art Vibration - 431

ART VIBRATION : Art Vibration - 431

THAR EXPRESS 13 APRIL 2016

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Death of a Dalit teen: Why has it escaped our attention?

Death of a Dalit teen: Why has it escaped our attention? : This piece is a gift to you paid for by the subscribers of NL. Subscribe to Newslaundry.

THAR EXPRESS 13 FEB 2016

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THAR EXPRESS 27 DEC 2015

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THAR EXPRESS 27 NOV 2015

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THAR EXPRESS 13 NOV 2015

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All are cordially invited.

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THAR EXPRESS 27 OCT 2015

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Thaar express 13 sept 2015

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Thaar express 27 sept 2015

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THAR EXPRESS 27 AUGUST 2015

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सम्प्रदायिक द्वेष फैलाने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा क्यों नहीं ?

सम्प्रदायिक द्वेष फैलाने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा क्यों नहीं ? जैनधर्म अहिंसा व संयम में विष्वास रखने वाला धर्म है। ’अहिंसा परमो धर्मः’, ’जीयो और जीने दो’ व ’संयमः खलु जीवनम्’ इसके मुख्य सूत्र है। जैन धर्म में प्रतिवर्ष व दिवसीय पर्यूषण व सम्वत्सरी के महापर्व के अवसर पर विषेष साधना उपासना का क्रम रहता है। मुम्बई में इस पर्यूषण व सम्वत्सरी के अवसर पर मुम्बई बी.एम.सी. द्वारा 4 दिनों के लिए ’मीट बेन’ के निर्णय को लेकर राजनैतिक सियासत गरमा गई है। उद्धव ठाकरे व मनीष तिवारी ने जिस भाषा का प्रयोग करते हुए ’मीट बेन’ के इस निर्णय के खिलाफ जहर उगला है वह उनकी संकीर्ण सोच का परिचायक है। प्रत्येक प्राणी में भगवान का अंष मानने वाली इस संस्कृति वाले भारत देष में पवित्र भावना से लिए गये इस करुणाप्रद निर्णय का विरोध करना आष्चर्य सहित खेद का विषय है। मीरा-भईन्दर की मेयर गीता जैन का पर्यूषण के अवसर पर लिया गया ’मीट बेन’ का निर्णय स्वागत योग्य है। वास्तव में यह निर्णय सराहनीय व समयानुकूल सही फैसला है। इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए तथा धन्यवाद करना चाहिए कि कुछ दिनों के लिए जीव हिं...

मिच्छामी दुक्कडम !

मन, वचन और शरीर से मेरे और मेरे परिवार की तरफ से आप सभी से अन्तःकरण से क्षमा-याचना करता हूँ ....! जाने-अनजाने हुई हो भूल  या  दिल दुःखाया हो किसी का  या  किसी की हुयी हो अवमानना या कार्यशैली से हुयी हो अवज्ञा तो क्षमा-प्रार्थी हूँ मैं....! मिच्छामी दुक्कडम ! कृपया क्षमा प्रदान करें . जैन लूण करण - भावना छाजेड़ गंगाशहर , बीकानेर

THAR EXPRESS 13 jUNE 2015

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