मिच्छामी दुक्कडम !

मन, वचन और शरीर से मेरे और मेरे परिवार की तरफ से आप सभी से अन्तःकरण से क्षमा-याचना करता हूँ ....!
जाने-अनजाने हुई हो भूल 
या 
दिल दुःखाया हो किसी का 
या 
किसी की हुयी हो अवमानना
या
कार्यशैली से हुयी हो अवज्ञा
तो
क्षमा-प्रार्थी हूँ मैं....!
मिच्छामी दुक्कडम !
कृपया क्षमा प्रदान करें .
जैन लूण करण - भावना छाजेड़
गंगाशहर , बीकानेर

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