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Showing posts from June 14, 2026

स्वाध्याय से ज्ञान और ज्ञान से ध्यान

स्वाध्याय से ज्ञान और ज्ञान से ध्यान मानव जीवन की आत्मिक और बौद्धिक यात्रा में तीन बिंदु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं — स्वाध्याय , ज्ञान और ध्यान। ये तीनों कोई अलग - अलग मार्ग नहीं हैं , बल्कि एक ही सीढ़ी के क्रमिक सोपान हैं , जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर परम चेतना के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आज की भागदौड़ भरी और तकनीकी रूप से अति - व्यस्त जीवनशैली में , जहाँ सूचनाओं की बाढ़ है लेकिन समझ का अकाल है , इस सूत्र की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। स्वाध्याय का मार्ग स्वाध्याय का सतही अर्थ केवल पुस्तकों का अध्ययन कर लेना मात्र माना जाता है , परंतु इसका वास्तविक और गहरा अर्थ है ' स्वयं का अध्ययन ' करना यानी आत्म - अवलोकन। श्रेष्ठ ग्रंथों , संतों की वाणियों और उच्च विचारों के सान्निध्य में जब हम बैठते हैं , तो वह हमारे भीतर के दर्पण को साफ करता है। स्वाध्याय हमें यह सिखाता है कि हम क्या हैं और हमें क्या होना चाहिए। यह विचारों के ...