कांग्रेस का केजरीवालकरण समय की जरुरत जनता ने अरविन्द केजरीवाल को जब प्रचंड बहुमत से जिताया, तो दिल्ली में केंद्र सरकार को उन्हें स्वतंत्र रूप से काम भी करने देना चाहिए। अरविन्द केजरीवाल ने एक और बड़े मार्के की बात कही कि नरेन्द्र मोदी उन्हें राहुल गांधी ना समझें। व्यंग्यपूर्वक लहजे में कही गयी इस बात में बड़े गहरे अर्थ छुपे हुए हैं। सोशल मीडिया में तो राहुल गांधी लगातार पप्पू करार दे ही दिए गए हैं और उनकी राजनीतिक समझ भी इस बात को प्रमाणित करती रही है। भाजपा दरअसल नई दिल्ली में तमाम अवरोध इसीलिए खड़ा कर रही है ताकि केजरीवाल सरकार सफल ना हो सके और विवादों में ही घिरी रहे।गंभीर तर्कपूर्ण और सशक्त आरोपों को लगाने में अरविन्द केजरीवाल का कोई मुकाबला नहीं है. उनकी इस तरह की दमदारी के कारण जनता केजरीवाल की कायल है । एक सशक्त लोकतंत्र में जब तक इस तरह की बेबाकी नहीं होगी तब तक उसकी गूंज राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया तक सुनाई नहीं देगी। सफल लोकतंत्र का तो सबसे बड़ा तकाजा भी यही बोलता है कि पक्ष से ज्यादा ...