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Showing posts from December 2, 2012
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तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।।

तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।। नानी तू है प्यारी नानी "हिरी " को सुनाओ नई कहानी। नानी बोली प्यारी नाती नई कहानी मुझे न आती। मेरे पास तो वही कहानी एक था राजा एक थी रानी। नई कहानी कहाँ से लाऊँ तेरा कैसे लाड लड़ाऊँ। तुम चलाओ कम्प्यूटर वाणी तुम हो ज्ञानी के भी ज्ञानी। मैं तो हूँ "हिरी" बस तेरी नानी। तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।।

जो हो रहा है वो अच्छा है ,

जो हो रहा है वो अच्छा है , जो होगा वो अच्छा होगा. पर्भू की इच्छा से ही सब होता है ... उसकी इच्छा से ऊपर कुछ नहीं हमें हमेशा हर हल में संतुष्ट रहना चाहिए यानी पर्भू जो कर रहा है तथा करवा रहा है उसमे हमारा भला ही होगा .

मैं खुशनसीब हूँ की पत्नी से मेरी अब तक पट रही है

मैं खुशनसीब हूँ की  पत्नी से मेरी अब तक पट रही है मैंने पत्नी को और पत्नी में मुझको बहुत चाहा  माता -पिता की सेवा श्रुसेवा चाहत से की  ,  बच्चो का लालन-पालन  दिल से किया   यह नहीं की हमेशा आपस में पटती ही रही नोक-झोंक भी खूब चलती रही पर कभी नाराज़ हुयी कभी उसने मुझे मनाया  कब ,क्यूँ और कैसे ये सब होता गया कब ३५ साल बीत गए यह पता ही नहीं चला अभी तो प्रथम मिलन , शादी और हनीमून की यादें ही नहीं भूले और उम्र हमारी ऐसे ढल गयी जैसे दोपहर का सूरज ढल गया . . सच कहूँ इस ज़िंदगी में बड़ा मज़ा आया  चुहलबाजी में कब जवानी से बुढ़ापा आ गया औलाद हुयी, पापा मम्मी बने , दादा -दादी और नाना -नानी भी बन  गए हमसफ़र ऐसा  मिला, ज़िन्दगी की यात्रा कट रही है मैं खुशनसीब हूँ की  पत्नी से मेरी अब तक पट रही है