बीकानेर में होम्योपैथी के एक स्वर्णिम युग का अंत, डॉ. झंवरलाल नाहटा का देवलोकगमन
बीकानेर में होम्योपैथी के एक स्वर्णिम युग का अंत, डॉ. झंवरलाल नाहटा का देवलोकगमन बीकानेर के चिकित्सा एवं पत्रकारिता जगत के लिए आज का दिन अत्यंत शोकपूर्ण है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रख्यात चिकित्सक, प्रखर विचारक एवं प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘थार एक्सप्रेस’ के वरिष्ठ लेखक डॉ. झंवरलाल नाहटा के देवलोकगमन से शहर ने एक युगद्रष्टा व्यक्तित्व को खो दिया है। उनके निधन से न केवल नाहटा परिवार, बल्कि संपूर्ण बीकानेर के चिकित्सा जगत में ऐसी रिक्तता उत्पन्न हुई है, जिसकी भरपाई असंभव प्रतीत होती है। कलम और क्लिनिक का अनूठा संगम डॉ. नाहटा केवल एक कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि विचारशील लेखक और समाजप्रेरक भी थे। वर्षों तक ‘थार एक्सप्रेस’ के माध्यम से उन्होंने होम्योपैथी और स्वास्थ्य विषयों पर जनजागरूकता का कार्य किया। उनके लेख सरल भाषा में जटिल रोगों के समाधान प्रस्तुत करते थे और पाठकों से एक आत्मीय रिश्ता स्थापित करते थे। वे चिकित्सा को केवल उपचार नहीं, बल्कि जीवनशैली मानते थे।। कलम और क्लिनिक का अनूठा संगम डॉ. नाहटा केवल एक कुशल चिकित्सक ही नहीं थे, बल्कि वे एक प्रखर विचारक...