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THAR EXPRESS 13 jUNE 2015

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कांग्रेस का केजरीवालकरण समय की जरुरत

कांग्रेस का केजरीवालकरण  समय की जरुरत  जनता  ने अरविन्द केजरीवाल को जब  प्रचंड बहुमत से जिताया, तो दिल्ली में  केंद्र सरकार को उन्हें स्वतंत्र रूप से काम भी करने देना चाहिए। अरविन्द  केजरीवाल ने एक और बड़े मार्के की बात कही  कि नरेन्द्र मोदी उन्हें राहुल गांधी ना समझें। व्यंग्यपूर्वक लहजे में कही गयी  इस बात में बड़े गहरे अर्थ छुपे हुए हैं। सोशल मीडिया में तो राहुल गांधी लगातार पप्पू करार दे ही दिए गए हैं और उनकी राजनीतिक समझ भी इस बात को प्रमाणित करती रही है। भाजपा दरअसल नई दिल्ली में तमाम अवरोध इसीलिए खड़ा कर रही है ताकि केजरीवाल सरकार सफल ना हो सके और विवादों में ही घिरी रहे।गंभीर तर्कपूर्ण  और  सशक्त आरोपों को लगाने में  अरविन्द केजरीवाल का कोई मुकाबला नहीं है. उनकी  इस तरह की दमदारी के कारण जनता  केजरीवाल की  कायल है । एक सशक्त लोकतंत्र में जब तक इस तरह की बेबाकी नहीं होगी तब तक उसकी गूंज राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया तक सुनाई नहीं देगी। सफल लोकतंत्र का तो सबसे बड़ा तकाजा भी यही बोलता है कि पक्ष से ज्यादा ...

भूकंप, भय , आशंका और महाश्रमण

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मंगलवार को आया भूकंप तीन जगहों पर केंद्रित होने के कारण बहुत बड़े नुकसान से बच तो गए परन्तु आफ्टर शॉक आने का सिलसिला जारी रहेगा। इस खबर से भारत व नेपाल में सभी लोग चिंतित है.  जैन तेरापंथ के धर्माचार्य आचार्य महाश्रमण का प्रवास काठमांडो में होने के कारण भारत व विदेशों में रह रहे उनके अनुयायिओं में भय व आशंका का माहौल बना हुआ है. देश - विदेश से आचार्य  महाश्रमण जी को अनुरोध किया जा रहा है की संघ के लिए विहार का  त्वरित निर्णय लिया जाये. जबकि नेपाल के लोगोँ का  सोचना और कहना है की ऋषि भगवान  के रूप में आये हैं इसलिए हम  बड़े नुकसान से बार -बार बच रहें हैं।        भूकम्प त्रासदी का इतिहास देखा जाए तो  इक्कयासी साल पहले वर्ष 1934, फिर वर्ष 2015 (25, 26 अप्रैल और 12 मई) में आए तेज भूकंप से पृथ्वी की भौगोलिक स्थिति बदल गई है। अब इंडियन-यूरेशियन प्लेट अपने स्थान से करीब 20 फीट यानी छह मीटर दक्षिण की ओर खिसक गई हैं। इसका असर भारत, नेपाल पर पड़ा है। दोनों देशों के मेन फ्रंटल थ्रस्ट फॉल्ट (एमएफटीएफ) में भी बदलाव आया है। इसक...

LOON KARAN CHHAJER: नेपाल में भूकम्प की इस त्रासदी के बीच भारत के जैन तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण

LOON KARAN CHHAJER: नेपाल में भूकम्प की इस त्रासदी के बीच भारत के जैन तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण
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थार एक्सप्रेस का १३ अप्रैल २०१५  का अंक

नेपाल में भूकम्प की इस त्रासदी के बीच भारत के जैन तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण

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lkchhajer@yahoo.co.in नेपाल में  भूकम्प की  इस त्रासदी के बीच भारत के जैन तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण अपने समाज के साथ घिर गये हैं। आचार्य महाश्रमण तेरापंथ के प्रथम आचार्य हैं जिन्होंने भारत से बाहर  विदेशी क्षेत्र को अपनी पैदल यात्रा के लिए चुना।  वो पिछले एक माह से नेपाल में ही विचरण कर रहें हैं। साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा भी नेपाल के वीरगंज क्षेत्र में प्रवास कर रही हैं। इनका आगामी चातुर्मास  भी विराटनगर में घोषित है.  संभवतया आचार्य महाश्रमण ने  नेपाल यात्रा कि घोषणा से पूर्व यह नहीं आंकलन किया गया की  नेपाल   दुनिया के उन देशों में प्रमुख है जहां भूकंप का जोखिम सबसे ज्यादा है। इसका एक बड़ा कारण उसका हिमालयी क्षेत्र में स्थित होना है। इसी पर्वतीय क्षेत्र में भारत का भी एक बड़ा हिस्सा है और इसी कारण नेपाल के साथ-साथ भारत का अच्छा-खासा इलाका भूकंप के लिहाज से जोखिम भरा है। देश के एक बड़े भूभाग समेत बांग्लादेश और तिब्बत के कुछ हिस्सों के बाद सबसे ज्यादा नेपाल में कहर ढाने वाले भूकंप ने प्रकृति के समक्ष मनुष्य को एक बार फिर असहाय रूप में दिखाय...

थार एक्सप्रेस का मार्च प्रथम अंक आपको समर्पित

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THAR EXPRESS 27 FEB 2015

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THAR EXPRESS 13 FEB 2015

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THAR EXPRESS 27 DEC 2014

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थार एक्सप्रेस 13 दिसम्बर 2014

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भगवान महावीर के जीवन दर्शन की प्रासंगिकता

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गंगाशहर। भारतीय दर्शन कहता है कि जो विकसित है उसका दायित्व है कि अविकसित का पालन करे। यह बात डॉ. सुषमा सिंघवी ने आज नैतिकता का शक्तिपीठ पर मुनिश्री राजकरण जी के सान्निध्य में आयोजित संगोष्ठी में कही। भगवान महावीर के जीवन दर्शन की प्रासंगिकता विषय पर आयोजित यह गोष्ठी आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। मुख्य वक्ता डॉ. सिंघवी ने कहा कि जो लोग यह मानकर चल रहे थे कि भोगवाद के बिना जिया नहीं जा सकता उनके समक्ष भगवान महावीर ने त्याग, तप व संयम का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महावीर का जीवन यह प्रेरणा देता है कि हम अगर सबल हैं तो निर्बलों को सहायता देने के लिए हैं न कि दिखावा, प्रदर्शन या अभिमान के लिए हैं। भगवान महावीर का बचपन में  निर्भय थे, वो इसी निर्भयता के चलते सांप को भी प्यार से हाथ में उठा लेते थे तथा कहते थे  कि जब मैंने सांप का अहित नहीं किया तो यह मुझे नहीं काटेगा।  डॉ. सुषमा सिंघवी ने कहा कि बच्चों  को निर्भयी बनावें, उनसे उनकी क्षमताओं से अधिक अपेक्षाएं न  पालें। बच्चों को रोटी, कपड़ा ...

SIRIYARI RO SANT PAYARO PYARO LAGE GHAN SUHAO MATA DEEPAN JI RA JAYA

SIRIYARI RO SANT PAYARO PYARO LAGE GHAN SUHAO MATA DEEPAN JI RA JAYA

“दलितों के मसीहा आचार्य तुलसी” पुस्तक का लोकार्पण

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“दलितों के मसीहा आचार्य तुलसी” पुस्तक का लोकार्पण बीकानेर  । महाजन एवं हरिजन की क्या शादि हो सकती है और दलित वर्ग का मन्दिर में प्रवेश होना चाहिए या नहीं इन बातों का आचार्य तुलसी ने क्या उतर दिया व समाज में अस्पृश्यता की भावना को मिटाने में उन्हें कितना व किस तरह का विरोध सहना पड़ा। इन सबको समाहित करते हुए आचार्य तुलसी जन्म शताब्दी समारोह समिति द्वारा प्रकाशित एवं जैन लूणकरण छाजेड़ द्वारा लिखित पुस्तक “दलितों के मसीहा आचार्य तुलसी” में किया गया है। पुस्तक की प्रथम कृति नैतिकता के शक्तिपीठ पर बुधवार को प्रातः सुर्योदय के समय मुनिश्री राजकरण जी को भेंट की गई, मुनिश्री ने मंगलपाठ सुनाने के बाद अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य तुलसी ने 80 वर्ष पूर्व दलितों के जीवन को संवारने का कार्य प्रारम्भ किया था उनके सान्निध्य में अनेक हरिजन सम्मेलन किए गए । मुनिश्री ने कहा कि महाजनों एवं हरिजनों को एक ही जाजम पर बैठाने के लिए श्रेष्ठी वर्ग की मानसिकता को बदला। मुनिश्री राजकरण ने उस समय दलितों के जीवन को संवारने हेतु किए गए कार्यों का स्मरण करते हुए कई संस्मरण सुनाए तथा कहा कि लूणकरण छाजेड़ ...
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तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।।

तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।। नानी तू है प्यारी नानी "हिरी " को सुनाओ नई कहानी। नानी बोली प्यारी नाती नई कहानी मुझे न आती। मेरे पास तो वही कहानी एक था राजा एक थी रानी। नई कहानी कहाँ से लाऊँ तेरा कैसे लाड लड़ाऊँ। तुम चलाओ कम्प्यूटर वाणी तुम हो ज्ञानी के भी ज्ञानी। मैं तो हूँ "हिरी" बस तेरी नानी। तुम्हीं सुनाओ कोई नयी कहानी।।

जो हो रहा है वो अच्छा है ,

जो हो रहा है वो अच्छा है , जो होगा वो अच्छा होगा. पर्भू की इच्छा से ही सब होता है ... उसकी इच्छा से ऊपर कुछ नहीं हमें हमेशा हर हल में संतुष्ट रहना चाहिए यानी पर्भू जो कर रहा है तथा करवा रहा है उसमे हमारा भला ही होगा .

मैं खुशनसीब हूँ की पत्नी से मेरी अब तक पट रही है

मैं खुशनसीब हूँ की  पत्नी से मेरी अब तक पट रही है मैंने पत्नी को और पत्नी में मुझको बहुत चाहा  माता -पिता की सेवा श्रुसेवा चाहत से की  ,  बच्चो का लालन-पालन  दिल से किया   यह नहीं की हमेशा आपस में पटती ही रही नोक-झोंक भी खूब चलती रही पर कभी नाराज़ हुयी कभी उसने मुझे मनाया  कब ,क्यूँ और कैसे ये सब होता गया कब ३५ साल बीत गए यह पता ही नहीं चला अभी तो प्रथम मिलन , शादी और हनीमून की यादें ही नहीं भूले और उम्र हमारी ऐसे ढल गयी जैसे दोपहर का सूरज ढल गया . . सच कहूँ इस ज़िंदगी में बड़ा मज़ा आया  चुहलबाजी में कब जवानी से बुढ़ापा आ गया औलाद हुयी, पापा मम्मी बने , दादा -दादी और नाना -नानी भी बन  गए हमसफ़र ऐसा  मिला, ज़िन्दगी की यात्रा कट रही है मैं खुशनसीब हूँ की  पत्नी से मेरी अब तक पट रही है

LOON KARAN CHHAJER: गोचर को समाप्त करना यह विकास के नाम पर विनाश हो रहा है. ?

LOON KARAN CHHAJER: गोचर को समाप्त करना यह विकास के नाम पर विनाश हो रहा है. ?

गोचर को समाप्त करना यह विकास के नाम पर विनाश हो रहा है. ?

राजनेता और निति निर्माता दूरद्रर्ष्टि से नहीं सोचते.की गोचर नहीं रहेगी तो शहर का पर्यावरण कितना बिगड़ेगा ? गोचर को समाप्त करना यह विकास के नाम पर विनाश हो रहा है. ? सड़क दूर से निकल सकती है वाहन को ही तो जाना है वाहन कुछ दुरी से निकल सकतें हैं. गायें किस वाहन पर सावर होकर चरने जाएगी ? गोचर के मध्य में से सड़क निकालना गोचर के टुकड़े-टुकड़े करना है , वह भी योजना अनुसार नहीं ? गोचर से सड़क निकलना क्या प्रतिदिन दुर्घटनाओं को आमंत्रण नहीं है. ? इसी तरह गंगाशहर में TRETMENT PLANT बना कर गन्दा पानी गोचर में छोड़ कर गायों को अकाल मौत मरना होगा. बीकानेर का जो TRETMENT प्लांट है उसकी क्षमता के अनुसार गन्दा पानी भी नहीं मिल रहा है. अगर गंगाशहर के चांदमल जी बाग़ का पानी पाईप लेन से TRETMENT PLANT तक पहुंचा दिया जाय तो गोचर भी बचेगी व गंदे पानी की समस्या का हल भी हो जायेगा तथा राजनीती भी नहीं होगी ?