स्वन्त्सरी क्षमापना
गल्तियाँ लाख हुई होगी हम से
उन्हें माफ़ कर देना ।
मन वचन काया से कभी दिल दुखाया हो आपका
नादान समझकर माफ़ करना ।
हृदय के अन्तकरण से क्षमा मांगता हूँ ।
आपकी अगर हुई कोई भूल तो उनको में माफ़ करता हूँ ।
लूणकरण छाजेड
बीकानेर




मेरे द्वारा

Comments

Popular posts from this blog

आचार्य तुलसी की पुण्यतिथि पर विशेष आलेख

आसक्ति से मुक्ति का साधन प्रेक्षा ध्यान

तुलसी की अजर -अमर स्मृतियां - तुलसी की शक्तिपीठ